बचपन वाले वादियों में
उड़ते कहानियो के वादल
कुछ हल्के कुछ भारी बादल
जिन्दगी के वेअद्वी में भरते
कुछ अच्छे कुछ सच्चे काजल
विना रुके विना थके
नाप लेता कई वर्षो की दुरी
दिखा जाती अपने संग संग
पलभर की उडान में जादू भरे रंग
कुछ खट्टे कुछ मीठे पल
पर अच्छे और सच्चे कल
गेंहू खेत के मेड़ो पर भागते ,
आम के टिकोले सा गिरते
टहनियों के सेज पर गिनते सपनों वाले पल
गर्मी की छुट्टी से भागते ,
खिचड़ी के संग चटनी सा
अपने पास बुलाते बीते पल
मास्टर जी के छड़ी से डरते ,हाथ छुपाते बीते कल
चोरी किये आम टिकोलो के हिस्सेदारी में
लड़ते झगरते बचपन की यारी
झुलसते सूरज को हरा जाती
मिल बांटकर खाने की तैयारी
कच्चे घरो के छपरी से लटकते
अपनों को सताने की होशियारी
कुछ सच्चे कुछ अच्छे बेईमानी
जुगनू भरे रात की वैशाखी
सांझ पड़ते डराती दादी की खांसी
और डराती चाँद पर की बुढिया
किस्सों के वाराती में घूमते मस्त मलंग नादानी
छुट्टियों की तालाश में भटकते बीते कल की कहानी |
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Very excited
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