मंगलवार, 10 जनवरी 2023

दो - तीन क़दम


 दो - तीन क़दम 

दो-तीन कदम , पर छुट जाता है 

साथ किसी का , छुपते -छुपाते |

शिकायत उसी का 

अधूरी सी ख्वाबो की उलझने 

या अधूरी सी जिन्दगी की कहानी ,

दर्द है या सुख है , 

किसी का राह में रह जाने का |

दर्द है या सुख है 

ख्वाव का आधा रह जाने का ,

या अधूरी ख्वाव देख लेने का |


  लहरों पर अंगड़ाई लेता कोइ चित्र 

              
   बदहवाश सी उसकी परवरिश 

  मुक़म्मल जमी की तलाश में 

  कुछ ज्यादा ही मचलने को उद्दत 

  सागर को छोरने की जिद्द ,

  लहरों के सवार क्या जाने मंजिल 

 वापस उन्ही वादियों में रहवर 

  फिर से मचल जाने को ,

 दो -तीन कदम ,दो तीन कदम 

चलता वह, पूरा करने को उद्दत 

 अधूरी ख्वाव या अधूरी सी जिन्दगी |

             

             


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