शनिवार, 29 जनवरी 2022

उड़ान ...................


 कुछ शब्द बने हीं ऐसे होते जो अपने-आप में ढेरो रोमांच, अजीब सी लेकिन असीमित उर्जा समेटे हुए | एक मनभावन ,सुकून देने बाली उर्जा आत्मसात किये हुए होता है | बिलकुल उसी तरह जैसे ठंड के कोहरे को भेदकर निकलता हुआ , मुस्कुराता हुआ , विजय-पताका फहराता हुआ सूर्य | और उसके अभीबादन को तैयार बैठी दुनिया|

                        शब्द के मायने मतलब भी निकालना चाहो तो एक सकारात्मक भाव समाये हुए एक सकारात्मक चाह भी हो सकती है | आपकी या किसी भी बस्तु की , दशा व दिशा भी | जो आपकी या बस्तु की यात्रा कहलाती है |

इन सबके साथ मंजिल को पार कर निकलता हुआ रास्ता ................................|

                        आगे .................वहाँ तक  ...................जहाँ आप पहुंचना चाहो |

एक गौरवपूर्ण क्षण , जहाँ पर सब आपको हीं देखेगा |आप पर मुस्कुराएगा , आप पर गर्व करेगा | आपके बारे में  बातें होगी |  इन सबसे बढ़कर सब आपके साथ होना चाहेंगे | जहाँ पर आपकी " कुछ" भूल-चुक भी पीछे , बहुत पीछे छुट जाता है |

                 फिर उसके बाद एक घटना होगी , जो बिलकुल अपरिहार्य तो नहीं हीं होगी | बिलकुल लाजिमी होगी .....................और वह होगा, इन सबके बाद आपका नज़रिया ............. एक जिम्मेदारी | या आप अगर ज्यादा कुशल हैं , तो मै कहूँगा ..........................एक जवाबदारी | 

                 तो क्या ? उड़ान ........... आसान होती है ! कष्टदायक नहीं होती  ! कोई शर्ते लागू नही होती है ! कुछ या सबकुछ आपके मन मुताबिक होता है, या आपको बदलना पड़ता है |

                 होती है , जी हाँ ............................ बिलकुल  होगी |

आतिशबाजी ............एक रोमांचक खेल या आपके ख़ुशी के पल को दूर.............. बहुत दूर तक भेजने का माध्यम | जो आपके दिलो-दिमाग में एक अजीब सी खुशबू बिखेरे हुए होता है | जो दुशरो को भी उस ख़ुशी के पल में आपके साथ होने का संदेश लिए हुए रहता है | उसके बाद तो कहना ही क्या .............आप और आप की टोली ......और ...........आतिशबाजी |

                              इसके लिए न  आपके पास उम्र मायने रखता है | न आपके बीते हुए कल की अफ़सोस न आनेबाले कल की चिंता | सिर्फ व सिर्फ आपके  उस पल को भरपूर जी लेने की मंशा जो दिल में होती है जी लेने का प्रयाश | जो आतिशबाजी के कई रंगो की तरह आपके चेहरे पर स्पष्ट दिखने लगेगी | और फिर क्या कहने आप और आपके आतिशबाजी के | लेकिन आतिशबाजी इतनी शानदार होती है क्या ? यहाँ कोई शर्ते लागू नही होती है | जी नहीं  | यहाँ शर्ते भरपूर मात्रा में , आप कह सकते हैं की भरपेट शर्ते लागू होती | बरना .......................आप और आपका आतिशबाजी | दोनों होंगी लेकिन न होगी रोमांच, न होगी ख़ुशी दुगुना |

                             आतिश बाज़ी में भी बिभिन्न तरह के पटाखों का अपना -अपना अलग पहचान होती है, जो इनके स्वभाव से होती है जो इनकी खाशियत भी होती है | कुछ लोग चकरी चलाना ज्यादा पसंद करते हैं | तो कुछ लोग अनार बाली , तो कुछ लोग बिभिन्न तरह के आवाज़ करने बाली पटाखा चलाना पसंद करते है | तो कुछ लोग ऊँचे आकाश में जाकर आवाज़ करने बाली राकेट पटाखा |

                          राकेट पटाखा को ऊँचे आकाश तक पहुँचने व वहाँ पर एक तेज़ रौशनी के साथ धमाका के लिए आप शिर्फ़ माचिस की तीली जलाकर व पटाखा में लगाकर निश्चित नही हो सकते हैं | और न निश्चित हो सकते हैं पटाखा के ब्रांड व उसमे भरे बारूद की मात्रा से | जी हाँ बिलकुल | आप राकेट पटाखा की दशा व दिशा को सही , आयाम देंगे तभी जाकर वह आपके मनोरंजन को बढ़ाने में सहायक  होगी  | और ऊँचे आकाश में आपकी ख़ुशी को राकेट पटाखा की तरह तेज़ रौशनी के साथ तेज़ धमाका लिए हुए आपके चेहरे पर संतुष्टि को लौटने बाली होगी |

                                        तो राकेट पटाखा की उड़ान की तरह हम आपके साथ प्रत्येक रविबार को एक नई व रोमांचक , प्रेरणा दाई मनोरंजक यात्रा  की सुरुआत करने बाले है जो एक नई ऊंचाई को छूने बाली होगी | मुझे विश्वास है ................आप .........हम, और हमारे आतिशबाजी की उड़ान .....................................|

    मिलते है रविबार को, पटाखा के साथ राकेट बाली |

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