गुज़रे कल की रश्में ..
कुछ वादे कुछ कस्मे
अपनों को ढूंढने की रींते..
आने वाले पल की ख्वाहिशें
ले चलेंगी हमको ,
नई कल के पास |
उम्मीदों भरी काजल ,
जो शोखियाँ बढ़ाती उनके आँखों की
भरती हमारे जीवन में प्यार की थपकी |
आने वाला पल ..
विल्कुल नई कविता की तरह
गुद-गुदाती उसके रंग
शर्दी की ठंडाई को
धता वताती उसके उमंग
साथ में याद दिलाती ..
पिछले कुछ अधूरे सपने ,
जो शेष रही,खुद के किसी कोने में |
आने वाला पल ..
कल हो जायेगा ..
विता हुआ पल ..
दो शब्दों में झूलते हुए हम
कभी निकल पायेंगे ,समय के साथ
बदलते शब्दों की तक़रीर से
बदलते तारीखों के अंक के मोह पाश से
आने वाला पल ..
ले चलेगी हमको
नयी कल के पास ,
उम्मीदों भरी सपनों के संग |
***


nice one, hope new year will very v joyful for everyone.
जवाब देंहटाएंthanks your complements
हटाएंVery nice sir
जवाब देंहटाएंthanks and welcome for complement
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